मेरठ, अप्रैल 27 -- उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक प्रो. परमेंद्र सिंह ने कहा कि परंपरागत कृषि ज्ञान और आधुनिक तकनीकों का संगम ही विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगा। रविवार को परंपरागत खेती का नवीन तकनीकों के साथ समन्वय द्वारा 2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश विषय पर पत्रकार वार्ता आयोजित की। जिसमें प्रो. परमेंद्र सिंह ने कहा कि देशी बीज, जैविक खाद और मिश्रित खेती जैसी पारंपरिक पद्धतियों को प्रेसिजन फार्मिंग, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और माइक्रो-इरिगेशन जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर कृषि को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाया जा सकता है। प्रो. सिंह ने क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर, डिजिटल कृषि, एफपीओ और कृषि-उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। यह भी पढ़ें- मृदा स्वास्थ्य-पर्यावरण गुणवत्ता, जल संसाधन-मानव कल्याण पहलुओं की होगी जांच...
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