वाराणसी, मार्च 25 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। डीएवी पीजी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग की तरफ से मंगलवार को 'वाराणसी के सांस्कृतिक गलियारे की कला, शिल्प और लोक परंपरा में संरक्षित पवित्र भूमि और विरासत' विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता आईसीएसएसआर नई दिल्ली के सदस्य सचिव प्रो. धनंजय सिंह ने कहा कि हमारी संस्कृति, हमारी परम्परा ही हमें हमारी जड़ों से जोड़ती है। हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं को जानना होगा। विशिष्ट वक्ता नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने कहा कि काशी को सिर्फ हेरिटेज शहर कह कर काम नहीं चलाया जा सकता। प्राचीनता तो काशी के कण-कण में व्याप्त है। काशी गंगा की तरह प्रवाहमान होकर विकसित होने वाला शहर है। आईआईटी बीएचयू की विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. अमिता सिन्हा ने मणिकर्णिका घाट पर ...