प्रयागराज, जुलाई 13 -- प्रयागराज, संवाददाता। पंडवानी गायन को विश्व मंच पर पहचान दिलाने वाली पद्मश्री व पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई की अस्थियां सोमवार को त्रिवेणी संगम में विसर्जित की गई। परिजनों व प्रशंसकों की उपस्थिति में पूरे वैदिक रीतिरिवाज व विधि-विधान के बीच हर किसी ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। अस्थि विसर्जन के दौरान उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के उप निदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय व कार्यक्रम प्रभारी कृष्ण मोहन द्विवेदी, गायिका के पुत्र दिलहरण पारधी, पौत्र सौरभ पारधी, नाती झाकेश्वर देशमुख व मनोज कुमार आदि कला जगत से जुड़े लोग तट पर मौजूद रहे।केंद्र के उप निदेशक ने कहा कि तीजन बाई का निधन भारतीय लोककला और रंगमंच के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं होगी। यह भी पढ़ें- तीजन बाई की दिली इच्छ...