निज प्रतिनिधि, अप्रैल 7 -- आर्थिक तंगी और कॉलेज की फीस चुकाने के लिए अपनी किडनी का सौदा करने वाले आयुष का अतीत कुछ और है। आयुष चौधरी बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के औगान गांव का रहने वाला है। उसकी हरकतों की वजह से उसकी पत्नी उसे छोड़ चुकी है। पिता ने नौ साल पहले खुदकुशी कर ली। परिवार ने भी एक तरह से उससे संबंध विच्छेद कर लिया है। बेगूसराय जिले में इन दिनों आयुष के किडनी निकालने की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल है। औगान गांव के लोगों का कहना है कि शुरू में आयुष पढ़ने में तेज था और वर्ष 2015 में उसने प्रथम श्रेणी से इंटर पास किया था। पिता राजेश चौधरी का सपना था कि उनका बेटा डॉक्टर बने। उसके बाद आयुष का नामांकन विशाखापट्टनम के एक इंस्टीट्यूट में करवाया गया। पिता को पूरी उम्मीद थी कि बेटा नीट पास कर लेगा। पर ऐसा नहीं हुआ। वहां उसे जिले...
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