नई दिल्ली, जून 25 -- दिल्ली की साकेत जिला अदालत ने घरेलू हिंसा के एक मामले में टिप्पणी करते हुए कहा- किसी महिला का देर रात फोन पर किसी पुरुष से बात करना उसके चरित्र पर सवाल उठाने का आधार नहीं हो सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आधार पर उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) मंगवाना उसकी निजता में अनावश्यक दखल होगा।अदालत ने ठुकराई पति की मांग अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शुनाली गुप्ता की अदालत ने यह टिप्पणी एक व्यक्ति की अपील खारिज करते हुए की। व्यक्ति ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति के कॉल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग को ठुकरा दिया गया था। यह मामला घरेलू हिंसा के एक लंबित केस से जुड़ा है।पत्नी देर रात फोन पर लोगों से बात करती है अदालत ने कहा कि किसी महिला का किसी व्यक्ति से किसी भी समय बात करना ...