नई दिल्ली, नवम्बर 3 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पत्नी को 'बेवकूफ' और 'निकम्मी' कहना कानून की नजर में क्रूरता का अपराध नहीं माना जा सकता है। शीर्ष अदालत ने पत्नी को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में पति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की है। यह भी पढ़ें- पत्नी को 'बेवकूफ-निकम्मा' कहना क्रूरता नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पति के खिलाफ केस किया रद्दपत्नी को अपमानजनक शब्द कहने पर अदालत की टिप्पणी जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने अपने फैसले में कहा है अपनी पत्नी को 'बेवकूफ' और 'निकम्मी' कहना अपने आप में भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के तहत क्रूरता नहीं मानी जा सकती। पीठ ने कहा कि 'ऐसी बातें, भले ही पहली नजर में मान ली जाएं, अधिक से अधिक जीवनसाथी के मिजाज/स्वाभाव को दिखा सकती हैं ...