नई दिल्ली, मार्च 5 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। रोहिणी जिला अदालत ने वर्ष 2018 में अपनी पत्नी को जबरन तेजाब पिलाने के आरोपी पति को राहत देने से इनकार कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत ने आरोपी जितेंद्र उर्फ जोनी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अपराध की प्रकृति बेहद गंभीर है और आरोपी का पिछला आचरण भरोसे लायक नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी के बाहर आने से न केवल गवाहों को खतरा हो सकता है, बल्कि उसके दोबारा कानून की गिरफ्त से भागने की पूरी आशंका है। यह मामला वर्ष 2018 में शाहबाद डेयरी थानाक्षेत्र का है। पीड़ित महिला ने अपने पति जितेंद्र और ससुराल वालों पर उसे बंधक बनाकर जबरन तेजाब जैसा पदार्थ पिलाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आईपीसी की धारा 323, 328, 326-ए, 342 और 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। हा...