नई दिल्ली, अगस्त 26 -- नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने सिर्फ घर और सड़कें ही नहीं बहाईं, बल्कि कई परिवारों की खुशियां भी अपने साथ बहा ले गईं। मलबे और मिट्टी के सैलाब के बीच अपनों को बचाने की कोशिश कर रहे लोगों की आंखों के सामने उनके प्रियजन हमेशा के लिए उनसे दूर हो गए। 68 वर्षीय केशव प्रसाद बराल की दर्द भरी कहानी इस तबाही की भयावह तस्वीर सामने रखती है। उन्होंने पत्नी का हाथ थामकर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मिट्टी का सैलाब उन्हें अपने साथ बहा ले गया। अस्पताल में इलाज करा रहे केशव प्रसाद बराल ने कहा कि मिट्टी का एक विशाल बहाव सीधे हमारी ओर आ रहा था। जैसे-जैसे यह पास आया, यह और ऊंचा होता गया। जब मैंने इसे हमारे घर में घुसते देखा, तो मैंने अपनी पत्नी का हाथ पकड़कर उसे छत पर ले जाने की कोशिश की। लेकिन वह मिट्टी के बहाव में बह गई। चार या पांच घंटे ...