नई दिल्ली, जनवरी 2 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने पति-पत्नी के बीच गुजारा भत्ता विवाद मामले में एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि अलग होने के बाद किसी महिला द्वारा अपने परिवार को एक बार पैसे ट्रांसफर करना, या उसके बैंक अकाउंट में सेविंग्स होना, पति द्वारा पत्नी को गुजारा भत्ता देने से मना करने का आधार नहीं हो सकता। जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने 23 दिसंबर को अपने आदेश में कहा कि आमतौर पर शादी में अनबन के बाद अपने माता-पिता के घर रहने वाली पत्नी के आर्थिक रूप से माता-पिता और भाई-बहनों पर निर्भरता होने की संभावना होती है। यह भी पढ़ें- आपसी सहमति से तलाक लेने वालों को बहुत बड़ी राहत, दिल्ली HC ने सुनाया अहम फैसला हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने कहा कि आय, सैलरी या बिजनेस एक्टिविटी के किसी ठोस सब...