नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- मैरिटल रेप को लेकर देश भर में लंबे समय से बहस जारी है। इस बीच अब सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा है कि मैरिटल रेप या वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध घोषित करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई से पहले वह केंद्र सरकार का रुख जानना चाहेगा। इससे पहले केंद्र सरकार ने पत्नी के साथ जबरन बनाए गए संबंधों को रेप मानने पर आपत्ति जताई थी। अब इस मामले में SC सरकार से विस्तृत जवाब मांग रही है। लेकिन इससे पहले यह समझना जरूरी है कि मैरिटल रेप आखिर है क्या और क्यों सरकार इसे अपराध नहीं मानना चाहती। मैरिटल रेप का अर्थ है पत्नी के इच्छा के विपरीत जाकर भी पति का उसके साथ जबरन संबंध बनाना, या इसके लिए मजबूर करना। इसमें अप्राकृतिक यौन शोषण भी शामिल है। मैरिटल रेप को अब तक भारत में अपराध का दर्जा नहीं दिया गया है। पहले भारतीय दंड संहिता की धारा...