प्रयागराज, जुलाई 9 -- Allahabad Highcourt: पहले पति से तलाक के बाद पत्नी के दूसरी शादी कर लेने पर भी पहले पति को गुजरा भत्ता देने के आदेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हैरानी जताई है। कोर्ट ने झांसी के अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय से यह स्पष्ट करने को कहा कि पत्नी के तलाक के बाद दोबारा विवाह कर लेने की जानकारी रिकॉर्ड पर होने के बावजूद उसे पहले पति से गुजारा भत्ता देने का आदेश क्यों पारित किया गया। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने मामले की सुनवाई करते हुए झांसी के एडिशनल प्रधान जज, फैमिली कोर्ट से स्पष्टीकरण तलब किया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि वह बताएं कि पत्नी के दूसरे विवाह का तथ्य आपत्ति-पत्र में स्पष्ट रूप से दर्ज होने के बावजूद उसे पहले पति से प्रति माह 10 हजार रुपये गुजारा भत्ता देने का आदेश किस आधार पर दिया गया। मामले के अनुसार प...