नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी पत्नी या पति के विवाहेतर संबंधों यानी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के तनाव के कारण आत्महत्या कर लेता है, तो केवल इस संबंध के आधार पर पार्टनर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।आत्महत्या के लिए उकसाने की शर्तें जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस अतुल चंदुरकर की पीठ ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत किसी पर आरोप तय करने के लिए यह साबित करना आवश्यक है कि आरोपी ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, एक स्पष्ट इरादे के साथ आत्महत्या में योगदान दिया हो। अदालत ने कहा कि 'उकसाने' के लिए कोई ऐसा सक्रिय कदम होना चाहिए जिससे मृतक के पास अपनी जान लेने के अलावा कोई और विकल्प ही न बचे।'आपराधिक मंशा' का होना जर...
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