पति के लोन की वसूली के लिए विधवा पत्नी की एफडी नहीं तोड़ सकता बैंक, हाईकोर्ट का आदेश
लखनऊ, सितम्बर 18 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा मृतक पति के व्यक्तिगत ऋण की वसूली के लिए उसकी विधवा पत्नी की फिक्स डिपाजिट (एफडी) से 19.90 लाख रुपये डेबिट करने की कार्रवाई को गंभीरता से लिया है। न्यायालय ने बैंक को पूरी रकम एफडी की लागू ब्याज दर के साथ चार सप्ताह में वापस करने का आदेश एसबीआई को दिया है। इसके साथ ही पत्नी को एक लाख रुपये का मुआवजा भी देने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने बैंक के खिलाफ गंभीर टिप्पणी भी की और इस कार्रवाई को बैंकिंग प्रक्रिया का घृणित उल्लंघन करार दिया है। न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश नेहा मिश्रा की याचिका स्वीकार को करते हुए दिया। उनके पति लखनऊ के रिंग रोड स्थित मेडिसिन अस्पताल में सहायक प्रोफेसर थे। उन्होंने नवंबर 2020 में...
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