पति के रिश्तेदारों पर सिर्फ आरोप लगाना दहेज उत्पीड़न का पर्याप्त आधार नहीं: हाईकोर्ट
प्रयागराज, मई 15 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पति के रिश्तेदारों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वैवाहिक विवाद में सिर्फ नाम शामिल होने से किसी को आरोपी नहीं बनाया जा सकता, जब तक सक्रिय भूमिका के ठोस सबूत न हों। यह मामला हाथरस के ससनी कोतवाली क्षेत्र का है। पीड़िता नीतेश शर्मा ने 2020 में अपने पति अमित कुमार शर्मा, सास-ससुर, देवर और ननद के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोप था कि 24 जुलाई 2007 को हुई शादी में दहेज देने के बावजूद, आरोपी 5 लाख रुपये और कार की मांग को लेकर लगातार मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न कर रहे थे। एफआईआर में मारपीट, गला दबाने की कोशिश और तांत्रिक प्रथाओं के बहाने अश्लील हरकतों जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले की सुनवाई के दौरान हाथरस के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 26 मई 2...
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