आगरा, अक्टूबर 9 -- पति की शारीरिक अक्षमता के कारण विवाह को शून्य घोषित करने का मामला कोर्ट में पहुंचा। अदालत ने वादिया का उसके पति से हुआ विवाह शून्य घोषित करने के आदेश दिए। एक बड़े अधिकारी की पुत्री का विवाह दक्षिण के प्रसिद्ध शहर के रहने वाले युवक के साथ वर्ष 2022 में हुआ था। विपक्षी ने विवाह से पूर्व अपना वेतन एक करोड़ रुपये प्रति वर्ष बताया था।वादिया का आरोप था कि विवाह के कई महीने बाद भी उसके पति ने उसके साथ कोई संबंध नहीं बनाए। पति ने स्वीकार किया कि उसे बीमारी है वादिया द्वारा इलाज की कहने पर उसने उसके साथ व्यवहार सही नहीं किया। वादिया द्वारा वर्ष 2023 में अधिवक्ता शैलेंद्र पाल सिंह एवं सुमित कुमार के माध्यम से अपने विवाह को शून्य घोषित करने के लिए मामला दायर किया। विपक्षी पति द्वारा कोर्ट में हाजिर हो वादिया के आरोपों को झूंठा बता...