रायबरेली, सितम्बर 14 -- रायबरेली संवाददाता। भगवान भोले नाथ व मा भगवती पार्वती के पुर्न मिलन और उनके दिव्य प्रेम की स्मृतियों को ध्यान में रखकर महिलाओं ने पति की लम्बी आयु के लिए कजरी तीज का व्रत रखा। रात्रि बारह बजे के बाद महिलाओं ने जल नहीं ग्रहण किया। वहीं मिट्टी से भगवान भोले व मां भगवती की मूर्ति बनकार पूजा की और दान किया। सोमवार को कजरी तीज व्रत महिलाओं ने रखा। रविवार की रात्रि बारह बजे के महिलाओं ने पानी का त्याग कर दिया। बिना पानी पिए महिलाओं तिल की पत्ती से बालों को धुला। मंजन की जगह पर आम व अमरूद की दतून का प्रयोग किया। यह भी पढ़ें- सुहागिनों ने शिव-पार्वती की पूजा कर मांगा अखंड सौभाग्य इसके साथ पूजा अर्चना की। रात्रि में भगवान भोले व मां भगवती की मूर्ति मिट्टी की बनायी और पूजा की। पति की लम्बी आयु और प्रेम की मजबूती के लिए भगवान...