भागलपुर, अगस्त 4 -- भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। मैथिल समाज का प्रसिद्ध लोकपर्व मधुश्रावणी व्रत सोमवार से शुरू हो गया। यह पर्व नवविवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। विवाह के बाद पहले सावन में नवविवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए यह व्रत करती हैं। महिलाओं ने भगवान शिव, माता पार्वती और नागदेव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वहीं पूजा में ससुराल से भेजे गए वस्त्र, लहठी, आभूषण, फूल, दूध, धान के लावा सहित अन्य पूजन सामग्री का उपयोग किया गया। पंडित आनंद झा ने बताया कि सावन कृष्ण पंचमी से शुरू होने वाला यह 13 दिवसीय व्रत 15 अगस्त को संपन्न होगा। यह भी पढ़ें- Munger News: नागपंचमी से शुरू हुई मधुश्रावणी, लोकगीतों और कथाओं से गूंजे मैथिल ब्राह्मण परिवार व्रत के दौरान नवविवाहिताएं प्रतिदिन...