भागलपुर, अक्टूबर 11 -- भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। पति की दीर्घायु और दांपत्य सुख की मंगलकामना को लेकर शुक्रवार को सुहागिन महिलाओं ने पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ करवाचौथ का व्रत किया। व्रती महिलाएं सुबह से ही निर्जला उपवास रखकर चौथ माता की पूजा-अर्चना की। वहीं चांद के उदय के बाद महिलाओं ने चलनी से चांद का दर्शन कर अर्घ्य अर्पित किया और पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत का समापन किया। पहली बार व्रत करने वाली महिलाओं को विशेष पूजा करनी पड़ी। पंडित सौरभ मिश्रा ने बताया कि करवा चौथ का व्रत विशेष रूप से पति की लंबी आयु और वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि के लिए किया गया। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को होने वाला यह व्रत अखंड सौभाग्य और वैवाहिक सुख-शांति का प्रतीक है। व्रती महिलाओं ने किया चांद का चलनी से दीदार, उसी से देखा पति का चेह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.