रांची, फरवरी 13 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में बोकारो फैमिली कोर्ट के पति के पक्ष में दिए दांपत्य अधिकार बहाली आदेश को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पत्नी द्वारा लगाए गए गंभीर क्रूरता और हिंसा के आरोपों की समुचित जांच किए बिना ऐसा आदेश देना न्यायसंगत नहीं है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने पत्नी की अपील स्वीकार करते हुए कहा कि यदि पति का व्यवहार पत्नी की सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करता हो या परिस्थितियां उसके लिए असुरक्षित हों, तो दांपत्य अधिकार बहाली का आदेश नहीं दिया जा सकता। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में केवल पति के वैवाहिक अधिकारों पर नहीं, बल्कि पत्नी की सुरक्षा, सम्मान और परिस्थितियों पर भी समान रूप से विचार करना आवश्यक है। फैमिली कोर्ट के आ...
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