नई दिल्ली, मार्च 29 -- अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण पूरी दुनिया, खासकर दक्षिण एशिया में ऊर्जा संकट गहरा रहा है और यह बात अब ढकी-छिपी नहीं है। ऐसे में, श्रीलंका, बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों की ओर भारत ने जिस तरह मदद का हाथ बढ़ाया है, उसकी सराहना ही की जाएगी। भारत ने पहले बांग्लादेश को डीजल भेजा और अब उसने श्रीलंका को लगभग 38,000 मीट्रिक टन डीजल व पेट्रोल की आपूर्ति की है। बकौल विदेश मंत्री एस जयशंकर, मालदीव ने भी भारत से ईंधन की मदद मांगी है। यह सहयोग नैतिक आधार पर तो उचित है ही, इसके कूटनीतिक निहतार्थ भी हैं। वैसे भी, भारत की विदेश-नीति हमेशा से वसुधैव कुटुंबकम् के दर्शन से प्रेरित रही है, मगर यह भी सर्वविदित तथ्य है कि चाहे श्रीलंका हो या बांग्लादेश या मालदीव, कुछ वर्षों से ये तीनों देश बीजिंग की गोद में जाते हुए दिख रहे थे। अब उनको शायद ...
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