नई दिल्ली, जुलाई 3 -- कच्चा तेल अब 126 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 71 डॉलर के आसपास रह गया है। इसी वजह से दुनिया के कई देशों ने फ्यूल के दाम काफी कम दिए हैं। दूसरी ओर मोदी सरकार के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी कह रहे हैं कि सरकारी तेल कंपनियां रिफाइनरी के लिए कम से कम दो महीने पहले कच्चा तेल पहले खरीदती हैं। ऐसे में वर्तमान में रिफाइनरी में जिस कच्चे तेल से पेट्रोल और डीजल तैयार किए जा रहे हैं, वह अप्रैल या मई की शुरुआत में खरीदा गया था। इसका मतलब ये हुआ कि अभी पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने में दो महीने लगेंगे। वह भी तब, जब सबकुछ ठीक रहा। आइए समझें कि जब दुनिया में पेट्रोल का औसत रेट 150 रुपये लीटर से घटकर 139.33 रुपये पर आ गया तो भारत में दाम कम क्यों नहीं हो रहे? आखिर क्या मजबूरी है? भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक देश...