नई दिल्ली। हेमलता कौशिक, अक्टूबर 3 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि एक पड़ोसी को अवैध निर्माण की शिकायत करने का सीधे तौर पर कोई अधिकार नहीं होता। वह ऐसा तभी कर सकता है जब इस निर्माण से उसके घर या उससे संबंधित स्थल पर प्रकाश या हवा प्रभावित हो रही हो। जस्टिस मिनी पुष्करणा की बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शिकायतकर्ता काम से प्रभावित नहीं हो रहा और अवैध निर्माण वाली संपति का पड़ोसी नहीं है तो उसे शिकायत करने का अधिकार नहीं है। बेंच ने करोल बाग इलाके में 15 जगहों पर अवैध निर्माण की शिकायत करने वाले व्यक्ति की सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। हालांकि, बेंच ने अपने फैसले में यह भी कहा कि बेशक किसी व्यक्ति विशेष को इस तरह के अवैध निर्माण की शिकायत करने का अधिकार नहीं है, लेकिन अवैध निर्माण पाए जाने पर एमसीडी को इन संपतियों पर...