लखनऊ, जुलाई 16 -- ज्ञान प्रकाश, मुख्य संवाददाता, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गरीब दलित काश्तकारों की बेशकीमती जमीनें बिल्डर मामूली लालच दिखाकर औने पौने दाम में हड़प रहे हैं। इसके लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का सहारा लिया जा रहा है, और प्रशासन की जांच में महज छह महीने के भीतर ऐसे 98 फर्जी प्रमाणपत्र पकड़े जा चुके हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब भू उपयोग परिवर्तन और असंक्रमणीय से संक्रमणीय की प्रक्रिया के दौरान सीएमओ कार्यालय से इन प्रमाणपत्रों की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद डीएम ने पूरे मामले की जांच बैठा दी है। जांच में हुआ बड़ा खुलासा, न अस्पताल मिला न डॉक्टर

जांच की प्रक्रिया एडीएम ट्रांस गोमती की जांच में सामने आया कि पकड़े गए ज्यादातर मेडिकल प्रमाणपत्रों में या तो संबंधित अस्पताल मौके पर मिला ही नहीं, या फिर जिस डॉक्टर के ...