जमशेदपुर, जून 2 -- पटमदा प्रखंड के कई गांवों में खराब जलमीनारों के कारण पेयजल संकट गहराता जा रहा है। बारूबेड़ा और नेकड़ाकोचा गांव में करीब एक माह से जलमीनार बंद रहने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही थी। रविवार को तकनीकी खराबी दूर होने के बाद दोनों गांवों में फिर से जलापूर्ति शुरू हो सकी, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली। कुमीर गांव के कोचाकुल्ही और सबर टोला स्थित दो अन्य जलमीनार पिछले करीब छह माह से खराब पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उपकरण खराब होने के कारण अब तक मरम्मत नहीं हो सकी है। खासकर महिलाओं को भीषण गर्मी के इस मौसम में दूर से पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है। ग्रामीणों द्वारा बार-बार जनप्रतिनिधि एवं विभाग को सूचित किए जाने के बावजूद मरम्मत नहीं होने से आक्रोश है। इस संबंध में प्रभारी बीडीओ डॉ. राजेंद्र कुमार द...