जमशेदपुर, जनवरी 15 -- पटमदा: मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में बुधवार को टुसू मेला, मुर्गा पाड़ा एवं बत्तख पकड़ने की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शत प्रतिशत आदिवासी बहुल गांव सिसदा का यह मेला वैसे तो करीब सौ वर्ष पुराना है लेकिन पूरे पटमदा एवं बोड़ाम क्षेत्र के लिए एकमात्र इस मेले में बत्तख पकड़ने की प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र बनती है जो पिछले 60 वर्षों से लगातार जारी रही है। यहां दूर-दराज से हजारों की संख्या में पुरुष -महिलाएं जुटते हैं और दोपहर से देर शाम तक मेला का आनंद उठाते हैं। इस संबंध में कमेटी के सदस्य आह्लाद सिंह ने बताया कि करीब 6 दशक पहले गांव के सुरेन्द्र सिंह (अब दिवंगत) व भास्कर सिंह ने नदी किनारे शिवलिंग के रूप में पत्थलगढ़ी कर पूजा एवं पानी में बत्तख छोड़ने की शुरूआत की थी। इसमें कमेटी की ओर से एक बत्तख को पूजा के बाद छोड...