विकासनगर, जून 3 -- मानसून के दौरान पछुवादून में हर साल नदियां और बरसाती गदेरे कहर बरपाती हैं। हालांकि प्रशासन बरसात के नुकसान को कम करने के लिए हर साल बाढ़ सुरक्षा चौकियां खोलता है, लेकिन इन चौकियों पर मानव संसाधन के साथ ही आवश्यक संसाधन नहीं जुटाए गए हैं। 45497 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली पछुवादून तहसील में यमुना, आसन, शीतला, रवासन, स्वारना के साथ ही चार दर्जन से अधिक बरसाती खाले हैं जो हर बरसात में ऊफान पर आ जाते हैं। इस मानसून सीजन में भी पछवादून प्रशासन ने अब तक कोई तैयारी शुरू नहीं की गई है। यहां हर बरसात में बरसाती नालों का पानी बस्तियों में घुस जाता है जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।वहीं यह भी पढ़ें- दारागाड खड्ड पर पुलिया का इंतजार यमुना, शीतला, आसन, स्वारना, रवासन का पानी भी पूर्व में कई बस्तियों में घुस कर कहर बरपा चुका है...