भदोही, सितम्बर 29 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। पछार में रोपी गई धान की फसल पर इन दिनों कीट प्रकोप का खतरा बढ़ गया है। खेतों में कीटों की सक्रियता बढ़ने से फसल की पत्तियां प्रभावित हो रही हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को समय रहते कीटों की पहचान कर उचित प्रबंध करने की सलाह दी है। धान की फसल में इन दिनों पत्ती मोड़क कीट का प्रकोप देखा जा रहा है। इसकी सूंडी पत्तियों के दोनों किनारों को आपस में चिपका देती है और अंदर ही अंदर पत्तियों को खाकर उन्हें नष्ट कर देती है। इससे पौधों की बढ़वार प्रभावित होने के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।इसी तरह हिस्पा कीट भी धान की पत्तियों को नुकसान पहुंचाता है। यह कीट पत्तियों में जगह-जगह छेद कर उन्हें खा जाता है, जिससे पत्तियां कमजोर होकर सूखने लगती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दोनों कीटों की रोकथाम के लिए फसल की न...