फतेहपुर, अप्रैल 17 -- जाफरगंज। क्षेत्रीय लोगो की आंखे पक्के पुल की आस में पथरा रही हैं, करीब ढ़ाई दशक से बारा-गलौली यमुना घाट पर पक्का पुल विभिन्न राजनैतिक दलों के बीच महज चुनावी दावा बनकर रह गया है। चुनाव के समय तो हर कोई इसके निर्माण के दावे करता है लेकिन इसके बाद कोई मुडकर भी नहीं देखता। जिससे हर साल बारिश में दो जिले के लोगो को करीब 40 किमी का लंबा चक्कर काटना पड़ता है। दोआबा से बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट को जोड़ने वाला बारा-गलौली यमुना घाट पर पक्का पुल बनवाए जाने की मांग को लेकर क्षेत्रवासी ढाई दशक से मांग करते चले आ रहे हैं। यह भी पढ़ें- दशकों से चुनावी वादा बनकर रह गया पक्का पुल लेकिन अब तक इसके लिए किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा सकी। आम दिनों मेंं तो यहां पर आवागमन के लिए पीपा पुल का निर्माण करा दिया जाता है लेकिन बार...
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