भागलपुर, अप्रैल 16 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। इंडस्ट्रियल फ्यूल (औद्योगिक ईंधन) की कीमतों में हालिया भारी वृद्धि के बाद जिले में ईंधन की कालाबाजारी का खेल शुरू होने की शंका गहरा गई है। औद्योगिक इकाइयों को मिलने वाले ईंधन के दाम बढ़ने के बाद कई पंप संचालक अंडर टेबल सेटिंग के जरिए मोटी कमाई करने में जुटे हैं। इस खेल का खुलासा तब हुआ जब तेल कंपनियों ने रिफाइनरी में इंडस्ट्रियल डिमांड में अचानक कमी और कुछ चुनिंदा रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) के ऑर्डर में बेतहाशा बढ़ोतरी देखी जाने लगी।जानकारी के मुताबिक, जो इंडस्ट्रियल फ्यूल पहले सामान्य रिटेल कीमतों से करीब 5 रुपये प्रति लीटर सस्ता मिलता था, मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध की वजह से उसकी कीमत अब अचानक बढ़कर रिटेल से 20 से 22 रुपये प्रति लीटर तक महंगी हो गई है। यह भी पढ़ें- जमाखोरी और कालाबाजारी ...
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