समस्तीपुर, जनवरी 22 -- जिलेभर में इन दिनों सरस्वती पूजा की भव्य तैयारियां जोरों पर हैं। विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, सामाजिक संगठनों और मोहल्लों में मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित कर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की जा रही है। हर ओर भक्ति और उल्लास का वातावरण है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से पूजा पंडालों में तेज आवाज में डीजे बजाने और अश्लील व फूहड़ गीतों के प्रयोग की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय बनती जा रही है। यह न केवल धार्मिक मर्यादा के विरुद्ध है, बल्कि सामाजिक शालीनता और सार्वजनिक शांति के लिए भी खतरा बन रहा है। बोर्ड परीक्षा सिर पर, छात्र अधिक परेशान: सरस्वती पूजा ज्ञान, संस्कार और अनुशासन का प्रतीक पर्व है। ऐसे पावन अवसर पर अशोभनीय गीतों और कानफोड़ू ध्वनि में म्यूजिक सिस्टम बजाना श्रद्धा की भावना को ठेस पहुंचाता है। खासकर बच्चों औ...
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