नई दिल्ली, जनवरी 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा 'पंजीकृत बिक्रीनामा' की वैधता और असली होने की अधिक संभावना होती है, ऐसे में बिक्री के लेन-देन का विरोध करने के लिए इसे आसानी से फर्जी घोषित नहीं किया जा सकता। शीर्ष अदालत ने खरीदार के हक में फैसला सुनाते हुए अदालतों से बिना किसी ठोस साक्ष्य के बिक्रीनामे को अवैध घोषित नहीं करने को कहा है। जस्टिस राजेश बिंदल और मनमोहन की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि यह कानून की स्थापित सिद्धांत है कि एक पंजीकृत बिक्रीनामा अपने साथ वैधता और असलियत की एक मजबूत संभावना रखती है। पीठ ने कहा कि पंजीकरण सिर्फ एक प्रक्रियात्मक औपचारिकता नहीं है बल्कि एक गंभीर कार्य है जो दस्तावेज को उच्च स्तर की पवित्रता प्रदान करता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इन बातों को ध्यान में रखते हुए, अदालतों को पंजीकृत दस्तावेजों को हल...
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