ललितपुर, जून 8 -- ललितपुर। मिट्टी को खून पसीने से सींचकर अनाज उगाने वाला किसान यूं ही आक्रोशित नहीं हैं। उसने सिस्टम से तंग आकर मोर्चा खोला है। इसका उदाहरण मसौराखुर्द निवासी एक युवा किसान हैं। पंजीकरण कराने के बाद भी जिनकी 25 कुंतल मसूर क्रय केंद्र प्रभारी नहीं खरीदी। उसने 300 रुपये प्रति कुंतल की दर से फीलगुड जमा कराए बिना तुलाई से इनकार कर दिया। मसौरा खुर्द निवासी यशप्रताप सिंह पुत्र स्वर्गीय रमेश कुमार निरंजन 15 एकड़ में खेती किसानी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। वह अपना दल (एस) के किसान मंच के जिलाध्यक्ष और प्रगतिशील किसान जनमोर्चा के केंद्रीय युवाध्यक्ष हैं। इस बार उन्होंने 03.22 एकड़ क्षेत्रफल में मसूर बोई थी। जिसका 28 कुंतल उत्पादन हुआ। तीन कुंतल मसूर बीज के लिए सुरक्षित रखकर उन्होंने शेष 25 कुंतल को समर्थन मुल्य पर बेचने के ...