नई दिल्ली, मई 18 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। पंजाब और हरियाणा के बाद अब उत्तर प्रदेश भी पराली जलाने के मामले में सबसे ज्यादा संवेदनशील राज्यों में शामिल हो गया है। पिछले साल उत्तर प्रदेश में पराली जलाने के मामलों में आई तेजी के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा यहां पर भी सख्त निगरानी की कवायद की जा रही है। आयोग ने पंजाब-हरियाणा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के भी प्रत्येक गांव के हर खेत का मानचित्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं। धान की फसल काटने के बाद बचे हुए कृषि अवशेष को खेत में ही जला देने की प्रवृत्ति खासतौर पर पंजाब और हरियाणा के किसानों में रही है। लेकिन, बड़े पैमाने पर खेतों में लगाई जाने वाली इस आग के चलते पूरे उत्तर भारत के आसमान पर धुआं छा जाता है और लोगों को प्रदूषित हवा में सांस लेना पड़ता है। इसे देखते हुए पिछले करीब दस व...