चंडीगढ़, फरवरी 11 -- पंजाब में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी जहां सरकार दोबारा बनाने के लिए एडी चोटी का जोर लगा रही है, वहीं भाजपा अपना आधार बनाने की कोशिशों में जुटी है लेकिन भाजपा के लिए पंजाब की राह आसान नहीं है। ऐसे में पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (SAD) से बिगड़ी बात बनाने के अंदरखाते प्रयास भी हो रहे हैं। नए कृषि कानूनों के विरोध में अकाली दल और भाजपा का गठबंधन टूट गया था, जिसके बाद न तो किसी चुनाव में अकाली दल उभर पाया और न ही भाजपा। पिछले विधान सभा चुनाव और लोक सभा चुनाव में भी दोनों के बीच गठबंधन की चर्चाएं होती रहीं मगर बात नहीं बनी। अब एक बार फिर से दोनों दलों के एक होने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस बात को मंगलवार को और बल तब मिला, जब फिरोजपुर में पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने नशा...
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