नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- पंजाब में राज्य सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के तहत नवजात गहन चिकित्सा सेवाओं के उपयोग का एक मामला सामने आया है, जिसमें समय से पूर्व जन्मी एक बच्ची को उपचार के बाद स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दी गई। बठिंडा जिले के रामपुरा फूल स्थित एक निजी अस्पताल में 33 सप्ताह में जन्मी इस बच्ची का वजन 1.926 किलोग्राम था, जो सामान्य पूर्णकालिक जन्म के वजन से कम है। जन्म के समय उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी, जिसके चलते तत्काल नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती किया गया। अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरिंदर अग्रवाल और उनकी टीम ने उपचार शुरू किया। बच्ची को शुरुआती 10 दिनों तक कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयरवे प्रेशर (सीपीएपी) सहायता दी गई, जिसके बाद चार दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट जारी रखा गया। उपचार के दौरान उसे पील...
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