उरई, अप्रैल 10 -- उरई। संवाददाता ग्राम पंचायतों के ऑडिट के दौरान अभिलेख उपलब्ध् न कराने वाले पंचायत सचिवों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। डीपीआरओ ने सभी सचिवों को चेतावनी दी है कि यथाशीघ्र लंबित प्रस्तरों का निस्तारण कराएं अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी।ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों का खर्च का हिसाब देने से कई पंचायत सचिव लापरवाही बरत रहे हैं। वर्ष 2019-20 में कुठौंद, महेवा, माधौगढ़, डकोर, जालौन, नदीगांव ब्लाक की 19 ग्राम पंचायतों के तत्कालीन सचिवों ने आडिट के लिए अभिलेख ही उपलब्ध नहीं कराए। इसमें प्रधानों की भी सांठगांठ रही। इसके बाद जिन सचिवों का स्थानांतरण एक से दूसरे स्थान पर हो गया या फिर प्रमोशन हो गया वे चुपचाप बैठे रहे। बाद में वर्तमान पंचायत सचिव भी आडिट प्रस्तरों को लेकर चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। लंबित प्रस्तरों...