सहरसा, दिसम्बर 6 -- कहरा। अभी गेहूं के बुआई का मौसम चल रहा है। अधिकांश किसान द्वारा प्राकृतिक खाद के उपयोग के बदले मुख्य रूप से रासायनिक उर्वरक पर निर्भर हो इसका उपयोग कर रहे हैं। परिणामस्वरूप इस कारण जहाँ खेतों की उर्वरा शक्ति जहां नित्य घट रहा है। कृषि विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी द्वारा भी चौपाल आयोजित कर इस संबंध में किसानों कों जागृत करने के बदले अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। पंचायत वार चौपाल आयोजित कर विशेषज्ञ से गोबर सहित अन्य खाद के महत्व की जानकारी किसानों कों दिए जाने की मांग की है।
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