औरैया, अगस्त 26 -- आगामी पंचायत चुनाव से पहले पिछड़ा वर्ग को मिलने वाले आरक्षण की स्थिति तय करने के लिए आयोग ने बुधवार को जिले में जमीनी हकीकत परखी। गांवों में पिछड़े वर्ग की आबादी कितनी है, कौन-कौन से समुदाय अधिक संख्या में हैं और ग्राम पंचायत से जिला पंचायत तक उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व कितना है, इन सवालों पर जनप्रतिनिधियों से जानकारी जुटाई गई। सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक स्थिति के साथ मकान, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच को भी अध्ययन में शामिल किया गया। जनप्रतिनिधियों से मिले तथ्य और सुझाव आयोग की रिपोर्ट व आरक्षण संबंधी अनुशंसाओं का आधार बनेंगे। विकास भवन सभागार में उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, क्...