हरदोई, मई 9 -- हरदोई, संवाददाता। जनपद की ग्राम पंचायतों ने राज्य, केंद्र एवं मनरेगा से मिले करोड़ो रुपए विकास कार्यों पर खर्च कर डाले, पर जब हिसाब किताब देने की बारी आई तो जिम्मेदार चुप्पी साध गए। वर्ष 2022-23 में विकास कार्यों के नाम पर खर्च की गई धनराशि के अभिलेख न मिलने पर ऑडिट आपत्तियां दर्ज की गई हैं। जांच में जिले की 50 ग्राम पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं और अभिलेखीय खामियों के सामने आने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने मनरेगा के जिम्मेदारों के साथ ही ग्राम पंचायतों को मनरेगा और ग्राम निधि से आहरित धनराशि के सापेक्ष व्यय प्रमाणक प्रस्तुत करने को कहा है। यह भी पढ़ें- एडीओ सुमेरपुर को फटकार, वेतन रोकने का फरमानवित्तीय अनियमितताओं का मामला जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने ऑडिट परीक्षण के दौरान मनरेगा को लेकर दर्ज आपत्तियो...