लखीसराय, मार्च 31 -- चानन, निज संवाददाता। खुटूकपार पंचायत के महादलित टोला घोशीकुंडी की तस्वीर पंचायती राज भी नहीं बदल सकी है। गांव को सशक्त करने के ख्याल से सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं चलाई भी गई, लेकिन गांव का समुचित विकास नहीं हो सका। पांच सौ से ज्यादा आबादी वाले गांव के लोगों को अब भी अच्छे दिनों का इंतजार है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार हर घर नल जल योजना के तहत वार्डों में टंकी तो लगा दिया गया, लेकिन कायदे से पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अधिकांश परिवार को चापाकल या फिर किऊल नदी के सहारे रहना पड़ रहा है। गांव की महिला रीना देवी, मीना देवी, आरती देवी, मीरा देवी आदि ने बताया कि सुबह होते ही पानी की किल्लत सताने लगती है। गर्मी में तो किऊल नदी सूख जाता है, वर्तमान में अभी कहीं -कहीं पानी जमा है, जिस वजह से परेशानी उतनी नह...
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