पंचामृत-गंगाजल से अभिषेक, चंदन-रोली और फूलों से हुआ श्रृंगार
मऊ, अगस्त 12 -- मऊ, संवाददाता। सुबह, दूध, दही, घी, पंचामृत-गंगाजल से अभिषेक, फिर, चंदन, रोली, फल-फूल से श्रृंगार और ढोल-ताशों, शंख ध्वनि, तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मंगल आरती। सावन के 14वें दिन शिवालयों से लेकर घरों तक यही माहौल रहा। देवों के देव महादेव की भक्ति में लोग लीन रहे। भोर से ही प्राचीन सहित सिद्ध मंदिरों में पैर रखने की जगह न रही। जैसे-जैसे वक्त बढ़ रहा है कहीं भोलेनाथ का अभिषेक, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, रुद्री पाठ, शिवपुराण, शिव चालीसा हो रहा है तो कहीं शिवार्चन और ओम नमः शिवाय के जाप के बीच पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया गया। दोहरीघाट स्थित रजेतेश्वर महादेव मंदिर पर सुबह पूजन के बाद भक्तों की तांता लगा रहा। लोगों ने बेल्वपत्र, अरक, धतूरा, फूल-फूल चढ़कर सुख-समृद्धि मांगी। गौरीशंकर मंदिर पर दिन भर धार्मिक अनुष्ठान हुए। शिव झारख...
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