पंकज महाराज ने नशा त्याग और शाहाकार की दी सलाह
मिर्जापुर, सितम्बर 1 -- जिगना,हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र स्थित बदेवरानाथ धाम में सोमवार को बाबा जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी संत पंकज महराज का सत्संग समारोह आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि गुरु के बिना लोक, परलोक का ज्ञान सम्भव नहीं है। जीवन काल में तीन गुरु होते हैं, पहले गुरु हमारे माता-पिता हैं। जिन्होंने हमें जन्म दिया। दूसरे गुरु वो हैं जिन्होंने हमें किताबों का ज्ञान दिया। तीसरे आध्यात्मिक गुरु होते हैं जो हम जीवों को जन्म-मरण तथा कर्म का बोध कराते हैं। ऐसे गुरु आत्मज्ञान देते हैं कि दोनों आंखों के मध्य भाग में जीवात्मा बैठी है। उसी में प्रभु दर्शन के लिये एक दिव्य आंख है। प्रभु की वेदवाणी सुनने के लिये एक दिव्य कान भी है। लेकिन आपके बुरे कर्मों की गन्दगी के कारण वे बन्द हो जाते हैं।नित्य प्रभु प्राप्ति का सरल मार्ग ''नाम योग साधना'' ...
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