वाराणसी, सितम्बर 7 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। भाद्रपद के शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि पर रखे जाने वाले हरितालिका व्रत को लेकर दुविधा में रहने की जरूरत नहीं है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार यह व्रत 14 सितंबर को करना चाहिए। यदि लोक मान्यता के अनुरूप तृतीया तिथि में ही कथा-पूजा की परंपरा व्यवहार में लाई जाती है तो 13 को यह व्रत किया जा सकता है। यह व्रत अखंड सौभाग्य की कामना से महिलाएं-युवतियां करती है। इस व्रत की तारीख को लेकर दुविधा तृतीया तिथि के आरंभ और समापन के समय के कारण हुई। तृतीया की शुरुआत 13 सितंबर को सूर्योदय के बाद सुबह 7:21 बजे होगी। जबकि समापन 14 सितंबर को सुबह 7:19 बजे होगा। उदयकाल में तृतीया 14 सितंबर को मिलेगी। भृगु संहिता विशेषज्ञ पं.वेदमूर्ति शास्त्री बताते हैं कि शास्त्रीय परंपरा के अनुसार व्रत और उद्यापन में उदयातिथि का मान...