नई दिल्ली, जुलाई 16 -- आज के इस भागदौड़ भरे दौर में जब भी कोई पेशेवर इंसान विदेश में नौकरी करने का सपना देखता है, तो उसके पीछे सिर्फ मोटी सैलरी या एक शानदार लाइफस्टाइल ही इकलौती वजह नहीं होती। कई लोगों के लिए यह दफ्तर की उस घुटन भरा कल्चर से बाहर निकलने का एक सीधा रास्ता भी होता है, जहां लॉग आउट करने का कोई तय समय ही नहीं है। भारत में जहां 9 से 5 की नौकरी अक्सर 9 से 9 में बदल जाती है और वीकेंड पर भी चैन नहीं मिलता, वहीं दुनिया के कुछ देश ऐसे भी हैं जहां वर्क-लाइफ बैलेंस को किसी किताब का ज्ञान नहीं, बल्कि जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। हाल ही में नीदरलैंड्स में रह रही एक भारतीय महिला ने दोनों देशों के वर्क कल्चर का एक ऐसा ही दिलचस्प और आंखें खोलने वाला अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है।वायरल ...