रांची, अगस्त 19 -- झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने हाल ही में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। राज्य सरकार ने 2014 से अभी तक हुईं 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। इस फैसले ने आंदोलनकारी छात्रों को तो राहत दी, लेकिन पहले से नियुक्त हो चुके 2700 से अधिक अभ्यर्थियों पर बेरोजगारी की तलवार लटक रही है। फैसले के खिलाफ प्रोजेक्ट भवन के बाहर उनका प्रदर्शन बेकाबू हो गया। वे सुरक्षा घेरे को तोड़कर अंदर घुस गए। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा है कि सरकार उन्हें न्याय दो या फांसी। जेपीएससी-जेएसएससी मामले में मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद नौकरी से बाहर हुए अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने अदालत की मंजूरी के बाद नियुक्ति पाई थी और कई ने पुरानी नौकरियों से इस्तीफा देकर यह पद जॉइन किया था...