बदायूं, जुलाई 2 -- बदायूं, संवाददाता। जिले में जाति पूछकर नाबालिग लड़की से गैंगरेप की घटना ने यह उजागर कर दिया है कि जिले के थानों में इंसाफ मिल पाना मुमकिन नहीं है। गनीमत रही कि पीड़िता ने न्याय के मंदिर में अपना दर्द बयानों में कहा तो मुकदमे में गैंगरेप की धारा बढ़ाई गई। अन्यथा थाना पुलिस इस पूरे कांड को दबाए बैठी थी और महकमे के अफसर थाना पुलिस की ढाल बने बैठे थे। यह भी पढ़ें- किशोरी से गैंगरेप के मामले में सांसद आदित्य ने सरकार को घेराघटना की पृष्ठभूमि दरअसल, इस्लामनगर में हुई वारदात से जुड़ा वीडियो सोमवार को सामने आया तो पुलिस महकमे में अंदरखाने खलबली मच गई। उस पर भी परिजनों का दो टूक यह बयान भी आया कि थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने गैंगरेप की तहरीर अपने पास रख ली। जबकि इमला बोलकर थाने में परिजनों से दूसरी तहरीर लिखवाई और उसके आधार पर ...