जबलपुर, फरवरी 18 -- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि निष्पक्ष सुनवाई की कीमत पर किसी मामले का शीघ्र निपटारा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि न्याय में देरी न्याय से इनकार के समान है, लेकिन जल्दबाजी में किया गया न्याय न्याय का दफन है। ट्रायल कोर्ट के एक आदेश के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी की। मामला पोक्सो एक्ट से जुड़ा था। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी को आवेदन दाखिल करने में देरी या पुराने मामलों के लंबित होने के आधार पर फोरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाने और उनकी जांच करने के अवसर से वंचित नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि मामलों का शीघ्र निपटान निष्पक्ष सुनवाई की कीमत पर नहीं हो सकता है।विशेष न्यायाधीश के आदेशों को चुनौती जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह न...