गौरीगंज, मई 19 -- अमेठी। संवाददाता जिले में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवारा कुत्तों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बाद भी जिले में अब तक कोई ठोस कार्ययोजना तैयार नहीं हो सकी है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन करीब 300 लोग कुत्तों के हमले का शिकार होकर सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों तथा सुबह-शाम सड़कों पर निकलने वाले लोगों के लिए बना हुआ है। यह भी पढ़ें- स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते, सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदलने से इनकारजिला अस्पताल और एंटी रेबीज उपचार जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी व पीएचसी पर एंटी रेबीज इंजेक्शन और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रोजाना बड़ी संख्या में कुत्तों के काटने के मरीज अस्पताल पहुंच...