मुजफ्फर नगर, सितम्बर 8 -- । शाहपुर में शहजादी की हत्या के मामले में पति को मृत्यु दंड की सजा सुनाने वाले अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट नंबर 3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने अपने निर्णय में कहा कि यदि मैं अपराधियों से भयग्रस्त हुआ तो मेरे लिए यह उचित होगा कि मैं इस पवित्र न्यायिक संस्था से त्यागपत्र दे दूं मैं मरना पसंद करूंगा डरपोक जज कहलानना पसंद नहीं करूंगा जब तक मैं अपने सिद्धांतों पर चल सकता हूं तब तक सर्विस करूंगा अन्यथा त्यागपत्र दे दूंगा, जब तक मैं इस जज की कुर्सी पर हूं निर्णय लेने का अधिकार मेरा ही होगा।उन्होंने यह भी पढ़ें- छह महीने में दस मामलों में 23 को फांसी की सजा सुनाई आगे लिखा कि मैं ईश्वरी शक्ति के सिवाय यदि बाहुबली, माफिया या अपराधियों से भय ग्रस्त होने लगूंगा तो आम जनता में जो कि न्यायालय पर विश्वास क...