गया, मार्च 12 -- दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस की मूट कोर्ट सोसाइटी की ओर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सहयोग से आयोजित प्रथम एनएचआरसी-सीयूएसबी राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बालकृष्ण नारायण, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। न्यायमूर्ति बालकृष्ण नारायण ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायाधीश का प्रमुख कर्तव्य वादकारी की सेवा करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिता न केवल गहन विधिक ज्ञान प्रदान करती हैं, बल्कि विद्यार्थियों में अधिवक्ता कौशल और तर्क प्रस्तुत करने की क्षमता को भी विकसित करती हैं। ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.